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फेड की सख्त मौद्रिक नीति (Fed Tightening) से वॉल स्ट्रीट और एआई पूंजी निवेश की जरूरतों के सामने नई चुनौतियां

फेड की सख्त मौद्रिक नीति (Fed Tightening) से वॉल स्ट्रीट और एआई पूंजी निवेश की जरूरतों के सामने नई चुनौतियां

अमेरिका में उम्मीद से अधिक महंगाई (Inflation) का खतरा शेयर बाजार पर भारी दबाव डाल सकता है और इससे फेडरल रिजर्व (Fed) को ब्याज दरें बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) के विश्लेषकों का कहना है कि यदि मौद्रिक नीति (Monetary Policy) को और सख्त करने की आशंकाएं बढ़ती हैं, तो मजबूत कॉर्पोरेट आय (Corporate Earnings) के एक और शानदार तिमाही के सकारात्मक प्रभाव को भी पूरी तरह नजरअंदाज किया जा सकता है।

निवेश बैंक का अनुमान है कि जून में कोर महंगाई (Core Inflation) मासिक आधार पर 0.17% बढ़ेगी, जो बाजार की आम अपेक्षाओं से कम है। वहीं, ऊर्जा कीमतों में गिरावट के कारण उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में 0.11% की मासिक कमी आने की संभावना है। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल बाजार की उम्मीदों को लेकर है। गोल्डमैन सैक्स को इस साल फेड द्वारा ब्याज दरों में किसी बदलाव की उम्मीद नहीं है, लेकिन बाजार पहले से ही 2027 के मध्य तक लगभग 50 बेसिस प्वाइंट (0.50%) की अतिरिक्त सख्ती को कीमतों में शामिल कर चुका है। यही अंतर आगामी महंगाई आंकड़ों और 28–29 जुलाई को होने वाली फेड की बैठक से पहले सबसे बड़ा जोखिम बन गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती कॉर्पोरेट आय मध्यम अवधि में शेयर बाजार को समर्थन देगी। लेकिन यदि फेड वास्तव में मौद्रिक नीति को और सख्त करता है, तो आर्थिक विकास के कमजोर अनुमानों और उधारी की लागत में तेज बढ़ोतरी के कारण बाजार पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। वित्तपोषण (Financing) की बढ़ती लागत का सबसे अधिक प्रभाव कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसे पूंजी-गहन (Capital-Intensive) क्षेत्रों में होने वाले बड़े निवेशों पर पड़ेगा।

ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो, S&P 500 सूचकांक ब्याज दरों में बढ़ोतरी के शुरुआती दौर में कमजोर प्रदर्शन करता रहा है और पहले तीन महीनों में औसतन 2% की गिरावट दर्ज की है। हालांकि, लंबी अवधि का रुझान आमतौर पर सकारात्मक रहता है। 2022 के असाधारण झटके को छोड़ दें, तो इसके बाद के 12 महीनों में यह सूचकांक औसतन करीब 9% की बढ़त दर्ज करता रहा है।

विश्लेषकों का यह भी मानना है कि यदि महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कम आते हैं, तो बाजार में "रिलीफ रैली (Relief Rally)" देखने को मिल सकती है। फिलहाल ऑप्शंस मार्केट मंगलवार को महंगाई के आंकड़े जारी होने के तुरंत बाद S&P 500 में लगभग 0.8% के उतार-चढ़ाव और पूरे सप्ताह के दौरान लगभग 1.1% की चाल का अनुमान लगा रहा है।

सेक्टर स्तर पर, वे कंपनियां जिन पर फ्लोटिंग (Variable) ब्याज दरों वाला अधिक कर्ज है, ब्याज दरों में बढ़ोतरी से सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकती हैं। ऐतिहासिक रूप से, फेड की सख्त मौद्रिक नीति के शुरुआती चरणों में टेक्नोलॉजी सेक्टर ने व्यापक बाजार से बेहतर प्रदर्शन किया है, जबकि वित्तीय (Financial) कंपनियां अपेक्षाकृत पीछे रही हैं।

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