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09.07.2026 09:45 AM
9 जुलाई को शेयर बाजार: नए युद्ध के बावजूद S&P 500 और NASDAQ पर कोई खास असर नहीं

कल अमेरिकी इक्विटी इंडेक्स मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए। S&P 500 में 0.28% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि Nasdaq 100 में 0.20% की बढ़त रही। वहीं, Dow Jones Industrial Average 1.29% की गिरावट के साथ बंद हुआ।

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यूरोपीय शेयर बाजारों में रिकवरी की उम्मीद है, क्योंकि अमेरिका द्वारा ईरान पर नए हवाई हमलों के बाद तेल की शुरुआती तेज़ी कम हो गई और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड्स में हल्की बढ़त देखने को मिली। फ्यूचर्स संकेत दे रहे हैं कि यूरोपीय बाजार खुलने पर लगभग 1% की बढ़त दर्ज कर सकते हैं। वहीं, अमेरिकी इंडेक्स फ्यूचर्स नकारात्मक स्तर से पलटकर लगभग +0.3% पर पहुंच गए हैं। एशियाई बेंचमार्क लगभग 0.3% ऊपर कारोबार कर रहे हैं, जबकि Brent कच्चा तेल लगभग 0.4% गिरकर 78 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया है।

बुधवार को हुई तेज़ बिकवाली के बाद बॉन्ड बाजार में रिकवरी देखी गई। उस बिकवाली की वजह यह उम्मीद थी कि फेडरल रिजर्व महंगाई पर काबू पाने के लिए ब्याज दरों में और बढ़ोतरी कर सकता है। 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 2 बेसिस पॉइंट गिरकर 4.56% पर आ गई। वहीं, सोना और चांदी दोनों में भी बढ़त दर्ज की गई। इसके बावजूद, समग्र तस्वीर चिंताजनक बनी हुई है। इस सप्ताह मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण तेल की कीमतों में आई तेज़ उछाल ने महंगाई की चिंताओं को फिर से बढ़ा दिया है। इसके चलते मनी मार्केट अब फेड की अगली ब्याज दर बढ़ोतरी की संभावना दिसंबर के बजाय अक्टूबर में मानने लगे हैं। यह दबाव AI रैली के बाद पहले से ही ऊंचे वैल्यूएशन वाले शेयर बाजारों पर भी बना हुआ है, हालांकि इससे अमेरिकी डॉलर को कोई खास समर्थन नहीं मिला।

Vantage Global Prime ने बाजार की बदलती धारणा को "अव्यवस्था का सौदा" (deal of chaos) बताया है, जहां अचानक तेल, सोना और अन्य सुरक्षित निवेश (Defensive Assets) फिर से निवेशकों के आकर्षण का केंद्र बन गए हैं। यह ऐसे बाजार की स्थिति को दर्शाता है, जहां निवेशकों को एक साथ भू-राजनीतिक जोखिम और मौद्रिक नीति की बदलती अपेक्षाओं का मूल्यांकन करना पड़ रहा है। यदि अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम पूरी तरह टूट जाता है, तो तेल की कीमतें फिर तेज़ी से बढ़ सकती हैं। इससे महंगाई की उम्मीदें और बढ़ेंगी, जिसके परिणामस्वरूप फेड को ब्याज दरों में और सख्ती करनी पड़ सकती है।

अब वर्ष के अंत तक फेड के साथ-साथ यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB), बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) और बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा भी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना मजबूत मानी जा रही है। वहीं, न्यूज़ीलैंड में दो और ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है। दुनिया के प्रमुख केंद्रीय बैंकों का एक साथ इस तरह सख्त मौद्रिक नीति की ओर बढ़ना एक असामान्य स्थिति मानी जा रही है।

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इस बीच, होर्मुज़ जलडमरूमध्य की स्थिति लगातार बिगड़ती रही। अमेरिका द्वारा ईरान पर लगातार दो दिनों तक किए गए हवाई हमलों के बाद गुरुवार को जहाज़ों की आवाजाही लगभग ठप हो गई। जहाज़ों की ट्रैकिंग से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, अधिकांश जहाज़ों ने ईरान द्वारा स्वीकृत उत्तरी मार्गों का उपयोग किया, जबकि अमेरिका समर्थित ओमानी कॉरिडोर लगभग खाली रहा।

तकनीकी दृष्टिकोण से, दैनिक चार्ट के अनुसार खरीदारों (बायर्स) के सामने पहला लक्ष्य 7,518 के रेजिस्टेंस स्तर को पार करना है। यदि यह स्तर सफलतापूर्वक टूट जाता है, तो तेजी की पुष्टि होगी और इंडेक्स के 7,544 तक पहुंचने का रास्ता खुल जाएगा। यदि कीमत 7,574 के ऊपर मजबूती से बनी रहती है, तो खरीदारों की स्थिति और मजबूत होगी।

वहीं, गिरावट की स्थिति में खरीदारों के लिए 7,494 के सपोर्ट स्तर की रक्षा करना बेहद महत्वपूर्ण होगा। यदि यह स्तर टूटता है, तो इंडेक्स के 7,474 तक गिरने की संभावना बढ़ जाएगी और इसके बाद 7,451 का स्तर अगला लक्ष्य बन सकता है।

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