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गुरुवार को बहुत कम मैक्रोइकोनॉमिक आंकड़े जारी होने वाले हैं और उनमें से कोई भी विशेष रूप से महत्वपूर्ण नहीं है। इसलिए आज भी ट्रेडर्स के पास बाजार में प्रतिक्रिया देने के लिए कोई बड़ा आर्थिक ट्रिगर नहीं होगा। जर्मनी में ट्रेड बैलेंस (व्यापार संतुलन) की रिपोर्ट जारी की जाएगी, जबकि अमेरिका में बेरोजगारी दावों (Unemployment Claims) और नए घरों की बिक्री (New Home Sales) से संबंधित रिपोर्ट प्रकाशित होगी। पिछले कुछ महीनों में बाजार ने मुख्य रूप से महंगाई (Inflation) और नॉनफार्म पेरोल्स (Nonfarm Payrolls) की रिपोर्टों पर ही प्रतिक्रिया दी है। दोनों करेंसी पेअर्स में उतार-चढ़ाव (Volatility) फिलहाल काफी कम बना हुआ है।
फंडामेंटल इवेंट्स का विश्लेषण:
गुरुवार के प्रमुख फंडामेंटल इवेंट्स में फेडरल रिजर्व के प्रतिनिधियों लोरेटा मेस्टर (Loretta Mester) और जॉन विलियम्स (John Williams) के भाषण शामिल हैं। हालांकि, आने वाले महीनों में फेड का रुख मुख्य रूप से भू-राजनीतिक घटनाओं, तेल की कीमतों और अमेरिकी महंगाई पर निर्भर करेगा। अगली महंगाई (Inflation) रिपोर्ट अगले मंगलवार को जारी होगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर फेड की मौद्रिक नीति में संभावित बदलावों का बेहतर आकलन किया जा सकेगा। यदि महंगाई में गिरावट आती है, तो वर्ष के अंत तक ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना भी कम हो जाएगी।
भू-राजनीतिक स्थिति फिलहाल सशर्त रूप से सकारात्मक (Conditionally Positive) बनी हुई है। ईरान और अमेरिका ने दूरस्थ रूप से एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, लेकिन अभी भी कई महत्वपूर्ण मुद्दे अनसुलझे हैं। इनमें विशेष रूप से परमाणु कार्यक्रम, लेबनान और इज़राइल के बीच युद्ध, तथा होर्मुज़ जलडमरूमध्य की स्थिति शामिल हैं। सैद्धांतिक रूप से बाजार को फिर से पूर्ण पैमाने पर युद्ध शुरू होने का डर हो सकता है, लेकिन फिलहाल यह डर अमेरिकी डॉलर में मजबूत तेजी लाने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसका कारण यह है कि तेहरान और वॉशिंगटन अब भी शांति की दिशा में बातचीत कर रहे हैं। हालांकि, बुधवार की घटनाओं ने यह भी दिखाया कि अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी संघर्ष विराम की स्थिति बेहद नाजुक है। बातचीत और समझौता किसी भी समय टूट सकता है।
सप्ताह के दूसरे अंतिम ट्रेडिंग दिन दोनों करेंसी पेअर्स में कारोबार काफी सुस्त रह सकता है, क्योंकि आज भी कोई बड़ा आर्थिक इवेंट निर्धारित नहीं है। यूरो और ब्रिटिश पाउंड दोनों किसी भी दिशा में मूव कर सकते हैं।
आज बाजार में न तो बहुत तेज़ मूवमेंट और न ही अधिक वोलैटिलिटी की उम्मीद है।
न्यूज़ कैलेंडर में शामिल महत्वपूर्ण भाषण और आर्थिक रिपोर्टें करेंसी पेअर्स की चाल पर बड़ा प्रभाव डाल सकती हैं। इसलिए इनके जारी होने के समय बेहद सावधानी से ट्रेड करना चाहिए या तेज़ उलटफेर के जोखिम से बचने के लिए बाजार से बाहर निकल जाना चाहिए।
फॉरेक्स बाजार में नए ट्रेडर्स को यह याद रखना चाहिए कि हर ट्रेड लाभदायक नहीं होता। एक स्पष्ट ट्रेडिंग रणनीति विकसित करना और मनी मैनेजमेंट के नियमों का पालन करना ही लंबे समय में सफल ट्रेडिंग की कुंजी है।